
काईस (कुल्लू)। देवभूमि कुल्लू की हरियाली को वन माफिया तबाह करने में जुटा है। खराहल घाटी के गाहर और वोडसू बीट के जंगलों में अवैध कटान के मामले सामने आने से पर्यावरण प्रेमी चिंतित हैं। इन जंगलों में हरे-भरे पेड़ों पर रातों-रात कुल्हाड़ी चल रही है। बहुमूल्य वन संपदा पर वनकाटुओं की टेड़ी नजर रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक इन जंगलों में देवदार और काईल के करीब एक दर्जन पेड़ों पर वन काटुओं ने कुल्हाड़ी चलाकर सफाया कर दिया है। इन पेड़ों की जगह अब वहां ठूंठ साफ नजर आ रहे हैं। ग्रामीण केसर सिंह, चुनी लाल, डोले राम, हेमराज, चमन लाल, संजीव कुमार, दोत राम, वीरबल, बुध राम, राजू शर्मा, ज्ञानदास, किशन लाल और अभिषेक ने गहरी चिंता जताते हुए पेड़ कटान मामले में उच्च स्तरीय जांच करने की विभाग से मांग की है। इन्होंने कहा कि इन जंगलों में देवदार और काईल के पेड़ों का कटान किया गया है। इसका ताजा सबूत यहां पडे़ के हरे ठूंठ हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इस मामले को लेकर वे विजिलेंस को शिकायत पत्र भी सौंपेंगे। काईस क्षेत्र के लोगों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि विभागीय मिलीभगत के चलते यहां पर पेड़ों का कटान निरंतर जारी है। वन मंडल कुल्लू बीएल नेगी ने बताया कि लोगों ने बालन के रूप में पेड़ों का कटान किया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग मौके का मुआयना कर उचित कार्रवाई करेगा। इसके लिए फील्ड स्टाफ को मौके पर जाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
